अचानक बढ़ा जलस्तर, 16 मेगावाट का पटिकरी पावर प्रोजेक्ट तबाह, 12 लोगों ने भागकर बचाई जान
जिला मंडी में 16 मेगावाट का पटिकरी पावर प्रोजेक्ट बाढ़ की चपेट में आकर पूरी तरह तबाह हो गया। वहीं, पावर हाउस और बांध साइट पर तैनात 12 लोगों ने मौके से भागकर जान बचाई।
सराज क्षेत्र में सोमवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी। 16 मेगावाट का पटिकरी पावर प्रोजेक्ट बाढ़ की चपेट में आकर पूरी तरह तबाह हो गया। बाढ़ ने पटिकरी बांध से लेकर गुहाड़ स्थित पटिकरी पावर हाउस तक सब कुछ तहस-नहस कर दिया। पावर हाउस और बांध साइट पर तैनात 12 लोगों ने मौके से भागकर जान बचाई।
पावर प्रोजेक्ट के एजीएम एवं प्रोजेक्ट इंचार्ज श्याम लाल ने बताया कि सोमवार रात को लगातार बारिश के चलते खड्ड का जलस्तर अचानक बढ़ गया। देखते ही देखते पानी पटिकरी पावर हाउस में घुस गया। उस समय पावर हाउस में आठ और डैम साइट पर चार कर्मचारी नाइट सर्विस पर तैनात थे। सभी ने समय रहते भागकर अपनी जान बचाई।
श्याम लाल ने बताया कि कुछ ही घंटों में स्थिति और बिगड़ गई। सुबह जब जायजा लिया तो बांध साइट और पावर हाउस दोनों का नामोनिशान मिट चुका था। रास्ते पूरी तरह टूट चुके हैं। एक ठेकेदार की एक मशीन, टिपर और दो कंकरीट की मशीनें भी बह गई हैं। बताया कि 2023 की बरसात में भी प्रोजेक्ट को करीब 25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। पावर हाउस की सुरक्षा के लिए 6 मीटर ऊंची और 150 मीटर लंबी प्रोटेक्शन वॉल भी बनाई गई थी, लेकिन पानी इससे ऊपर आ गया। तबाही में पानी की सुरंग और पैन स्टॉक को आंशिक नुकसान हुआ है।





